जाकर पूछो क्या परिभाषा है सहिष्णुता की
और कौन सी धरा है सहिष्णुता की प्रतीक
स्वछंद विचारो को खुलकर समाज को बतलाते हो
जिस देश ने तुमको गौरव दिया उसी को असुरक्षित बतलाते हो
सहिष्णु है वो कश्मीरी पंडित जिन्होंने अपनों को खोया है
सहिष्णु है वो सिक्ख जो अलगाववादी धारा में रोये
सहिष्णु है वो लोग जो दंगो और आतंको से दो चार हुए
और सहिष्णु है वो जो कुदरत की आपदा से पार हुए
तुमने कब कौन सी कठिनाईयों को झेला है
सिर्फ भौतिकता की देवी से ही हमेशा खेल है
जीवन में जो शीर्ष मिला वो इसी धरा की देन है
आज यदि सुरक्षित हो तो ये सहिष्णुता की देन है
विविध रंग के मोतियों को, पिरो कर, बानी देश की माला है
हर दाने ने अगले दानो को बांधकर संभाला है
यही नियति है हमारे सहिष्णु गौरवशाली देश की
कोई भी उछाल सकता है गरिमा मेरे देश की
बारिश की सभी बुँदे एक जैसी नहीं होती
परन्तु उनका गंतव्य एक ही होता है
अगर कुछ बुँदे कही रुक भी जाए
तब भी समुद्र (राष्ट्र) सहिष्णु ही होता है
राष्ट सहिष्णु ही होता है........
और कौन सी धरा है सहिष्णुता की प्रतीक
स्वछंद विचारो को खुलकर समाज को बतलाते हो
जिस देश ने तुमको गौरव दिया उसी को असुरक्षित बतलाते हो
सहिष्णु है वो कश्मीरी पंडित जिन्होंने अपनों को खोया है
सहिष्णु है वो सिक्ख जो अलगाववादी धारा में रोये
सहिष्णु है वो लोग जो दंगो और आतंको से दो चार हुए
और सहिष्णु है वो जो कुदरत की आपदा से पार हुए
तुमने कब कौन सी कठिनाईयों को झेला है
सिर्फ भौतिकता की देवी से ही हमेशा खेल है
जीवन में जो शीर्ष मिला वो इसी धरा की देन है
आज यदि सुरक्षित हो तो ये सहिष्णुता की देन है
विविध रंग के मोतियों को, पिरो कर, बानी देश की माला है
हर दाने ने अगले दानो को बांधकर संभाला है
यही नियति है हमारे सहिष्णु गौरवशाली देश की
कोई भी उछाल सकता है गरिमा मेरे देश की
बारिश की सभी बुँदे एक जैसी नहीं होती
परन्तु उनका गंतव्य एक ही होता है
अगर कुछ बुँदे कही रुक भी जाए
तब भी समुद्र (राष्ट्र) सहिष्णु ही होता है
राष्ट सहिष्णु ही होता है........
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