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Monday, September 14, 2015

संघर्ष है


संघर्ष है पर्याय जीवन का
संघर्ष है अध्याय जीवन का
आधुनिकता के करालो में
संघर्ष है अस्तित्व का रक्षण
है मानते सभी मुझे मातृभाषा
पर प्रेयसि है अब्ब ये आंग्लभाषा
कलियुग की वेदी है बड़ी चौड़ी
ना चाह है अब जग को ये माता की
कहते है के हम हो गए है परिपक्व
छाया नहीं अब्ब चाहिए माँ की
प्रेयसि का आँचल ही सुहाता अब
वो दिन पुराने हो चुके है अब
माता की लोरी थी सुहानी जब
हिंदी है रोती अपनी कहानी कह
संघर्ष है जीवन मेरा ये अब

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